सारा अली खान वेट लॉस टिप्‍स : 96kg से कैसे किया 46kg वजन, जानें


  • सारा अली खान ने पिछले कुछ समय में अपना काफी वजन घटाया है।
  • आज की तारीख में सारा का वजन सिर्फ 50 किलोे है।
  • हम आपको वजन घटाने की अन्य टिप्स भी बता रहे हैं। 


बॉलीवुड एक्‍टर सैफ अली खान और अम़ता सिंह की बेटी सारा अली खान इन दिन अपनी फिल्‍मों को लेकर काफी चर्चा में हैं। केदारनाथ के बाद अब सिम्‍बा मूवी में रणवीर सिंह के साथ सारा अली मूख्‍य भूमिका में हैं। इसके अलावा भी उनके चर्चा में आने के कई कारण हैं। दरअसल सारा अली खान ने पिछले कुछ समय में अपना काफी वजन घटाया है। उनका कहना है कि कभी उनका वजन 96 किलोग्राम हुआ करता था। लेकिन आज की तारीख में सारा का वजन सिर्फ 50 किलो है। यानि कि उन्होंने अपना 46 किलो वजन कम किया है। जी हां, आपको भी जानकर हैरानी हो रही होगी। वैसे इतना वजन घटाना कोई मामूली बात नहीं है। आज हम आपको बताएंगे कि उन्होंने किस तरह अपना वजन घटाया है। साथ ही हम आपको वजन घटाने की अन्य टिप्स भी बता रहे हैं।


सारा अली खान का कहना है कि वजन घटाना के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है। वह बैलेंस डाइट लेने के साथ ही एक्सरसाइज और जिम को भी काफी सीरियस लेती थी। सारा अली खान ने फास्ट फूड खाना एकदम बंद कर दिया था। वह जिम को अपनी रेगुलर हैबिट में लेकर आईं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट्स तो यहां तक कहती है कि योग और कत्थक डांस ने भी उनका वजन कम करने में महत्वूर्ण भूमिका निभाई है। सारा सैफ और उनकी पहली पत्नी अमृता सिंह की बेटी हैं। एक शो के दौरान सैफ ने कहा कि सारा अली खान को पिज्जा बहुत पसंद है और वह बचपन में इसे बहुत खाती थी। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में उनके मोटापे का बड़ा कारण PCOD (एक तरह की बीमारी) थी।



वजन कम करने वाले योगासन
भुजंगासन भी बाजुओं को मजबूत बनाता है और बाजुओं व इनके नीचे लटकी अतिरिक्त चर्बी को भी कम करता है। भुजंगासन के अभ्यास से पेट की चर्बी भी कम होती है और रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है। भुजंगासन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल सीधे लेट जाएं और फिर दोनों हाथों को माथे के नीचे टिका लें। इसके बाद दोनों पैरों के पंजों को एक साथ रखें और माथे को सामने की तरफ उठाएं और दोनों भुजाओं को कंधों के समानांतर ले आएं। इस स्थिति में शरीर का भार बाजुओं पर आ जाएगा। फिर शरीर के आगे वाले हिस्से को बाजुओं के बल उठाएं और लंबी सांस लेते हुए शरीर को स्ट्रेच करें।

नियमित सूर्य नमस्कार करने से बाजुएं मजबूत बनती हैं और उन पर मौजूद अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास बाजुओं के ल‌िए किसी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज से कम नहीं होता है। सूर्य नमस्कार से न सिर्फ बाजिएं सुडोल होती हैं बल्कि शरीर मजबूत बनाता है और प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाती है।

शलाभासन के लिए सबसे पहले पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब अपने हाथों को पोट से सटाते हुए हथोलियों से जमीन को टच करते रहें। इस दौरान गहरी सांस लें। अपने पैरों को एक-एक करके ऊपर उठाएं और तिरछी अवस्था में रखें। थोड़ी देर के बाद अपनी सामान्य अवस्था में आ जाएं और फिर दोहराएं। इस आसन को करने से जांघों की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है, जिससे जांघों व हिप्स की चर्बी कम होने लगती है।

वीरभद्रासन करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों पर सीधे खड़े हो जाएं। पैरों के बीच कम से कम 3 से 4 फीट की दूरी रहे। अब अपने बाएं पैर को सीधा रखें, इसे हल्का बाएं ओर ही घुमाएं। दाएं पैर को थोड़ा आगे बढ़ाएं। इसके बाद दोनों पैरों को थोड़ा मोड़ें। अपने हाथों को नमस्‍ते का आकार देते हुए ऊपर की ओर रखें। थोड़ी देर इसी मुद्रा में रहें।

ग्रीन कॉफी और वजन नियंत्रण
हाल ही में आए शोधों के मुताबिक नई ग्रीन कॉफी ईजाद की गई है। इतना ही नहीं ग्रीन कॉफी को लेकर शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि सुबह-सुबह खाली पेट यानी नाश्ते से पहले ग्रीन कॉफी का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो आप आसानी से अपना वजन कम कर सकते हैं। शोधों के मुताबिक, यदि आप अपने वजन से बहुत परेशान हैं लेकिन आप डायट चार्ट भी फॉलो नहीं करना चाहते तो आपको ग्रीन कॉफी का सेवन करना चाहिए।

ग्रीन कॉफी का सबसे बड़ा फायदा है कि आप एक महीने में ही लगभग 2 किलोग्राम वजन आसानी से कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त मेहनत भी नहीं करनी होगी।

यदि आप नियमित रूप से ग्रीन कॉफी यानी हरी चाय का सेवन करते हैं तो ग्रीन कॉफी में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड आपकी आहार नली में शुगर की मात्रा को कम कर देता है। इसके साथ ही ग्रीन कॉफी से आपके फैट के खत्म होने के प्रक्रिया एकदम तेज हो जाती है।

कमर की चर्बी को छूमंतर कर देगा शहद का ऐसा प्रयोग

  • शहद में काफी पोषक तत्व होते हैं।
  • हर रोज शहद का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
  • कई बीमारियों में बी फायदेमंद है शहद का सेवन

शहद एक ऐसी गुणकारी औषधि है, जो मोटापा घटाती भी है और बढ़ाती भी। यह निर्भर करता है कि आप शहद का प्रयोग किस प्रकार कर रहे हैं। यानी आप शहद को जैसे चाहे अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकती हैं। गर्म पानी में शहद मिलाकर लेने से आप आसानी से वजन घटा सकते हैं। शहद को फलों के रस में भी मिलाकर लिया जा सकता है।

शहद में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं  जैसे - फ्रक्टोज, ग्लूकोज़, सुक्रोज, माल्टोज, उच्च शर्कराएं  आदि तत्वों का मिश्रण होता है। इसमें 75 प्रतिशत शर्करा होती है। इसके अलावा  शहद में प्रोटीन, एलब्यूमिन, वसा, एन्जाइम अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट्स होता है। आइए जानें मोटापा घटाने और मोटापा बढ़ाने वाले शहद के गुणों के बारे में।

शहद कैसे करता है काम
हम सभी शहद के कई गुणों के बारे में जानते हैं। एक रिसर्च के अनुसार रोजाना सोने से पहले एक चम्मच शहद का सेवन करने से वजन कम हो जाता है। शहद में फैट नहीं होता और यह बॉडी को एनर्जी और स्टेमिना भी देता है। शहद खाने में जितना मीठा होता है, उससे कहीं ज्य़ादा ये हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इसमें पाए जाने वाले विटमिन ए, बी और सी हमें सेहतमंद रखने में कारगर साबित होते हैं।

बॉडी करता है टोन 
शहद का उपयोग करने के लिए सबसे सही तरीका है कि आप चीनी की जगह शहद का सेवन करें। दिन में शहद ही लें, सुबह-सुबह खाली पेट गर्म पानी में तीन चम्मच शहद अच्छी तरह मिलाकर पिएं। ऐसा आप रात में सोने से पहले भी कर सकते हैं। एक्सरसाइज करने के बाद भी गुनगुने पानी में शहद डालकर पीने से लाभ होता है। इसके अलावा शहद को ओटमील में मिला कर ब्रेकफस्ट में लेने से भी वजन पर नियंत्रण होता है।

दूर करे मोटापा
शहद शरीर की चर्बी को बड़ी तेजी से गलाता है। इसके अलावा डाइटिंग करते समय अगर शहद को अपने आहार में शामिल करेंगे तो आपके शरीर को पूर्ण रूप से पोषण मिलेगा और शरीर को डाइटिंग का दुष्परिणाम नहीं झेलना पड़ेगा।

चीनी की जगह शहद
चीनी के बजाय शहद का उपयोग अधिक लाभकारी होता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर से बचें। शहद प्राकृतिक होता है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता।

शहद के अन्‍य फायदे 
  • शहद को एक ऐसी औषधी के रूप में प्रयोग किया जाता है जो कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं छोड़ता।
  • अधिक लाभ पाने के लिए शहद को दूध, दही, चाय, मलाई, पानी, सब्जी, फलों के रस आदि में मिलाकर लिया जा सकता है, इससे न सिर्फ आप अपने खाद्य पदार्थ के स्वाद को बढ़ाएंगे बल्कि इससे मिलने वाले लाभों का भी फायदा उठा पाएंगे।
  • शहद को गर्मियों में ठंडे पेय पदार्थों और सर्दियों में गर्म पेय पदार्थों के साथ मिलाकर पीने से बहुत लाभ होता है।
  • बहुत से ऐसे रोग है जिन्हें सिर्फ प्रतिदिन शहद के सेवन करने से दूर किया जा सकता है जैसे कब्ज, शारीरिक कमजोरी, मोटापा इत्यादि।
  • शहद में विटामिन 'ए'और 'बी' के होने से यह आँखों की ज्योति बढ़ती है।
  • आपको भूख न लगने की बीमारी है तो भी आप शहद ले सकते हैं। इससे आपकी भूख भी बढ़ेगी और आपका मेटाबॉलिज्म भी ठीक होगा।

दिन भर चुस्त-दुरूस्त रहने और स्फूर्ति के लिए सुबह नींबू व शहद गर्म पानी से लेना चाहिए।
सर्दियों में कफ और गला खराब होने की समस्याओं से निपटने में शहद बहुत मददगार होता है। खासतौर पर बच्चों के लिए ठंड में शहद का सेवन उन्हें पूरे मौसम में क$फ और गले की समस्याओं से बचाकर रखता है।
छोटे बच्चों को दूध पिलाने से पहले शहद चटा दें। फिर दूध पिलाएं। ऐसा करने से ये रोग निरोधक क्षमता बढ़ाता है।
इसके सेवन से नींद भी अच्छी आती है। 

जिम से नहीं बल्कि इन 5 फूड से कम करें पेट की चर्बी


  • यदि आप कुछ विशेष आहार को अपने खाने में शामिल करते हैं
  • तो कुछ दिनों के बाद, आपको अपने पेट के आकार में फर्क दिखेगा।
  • यह बात भी समझना होगी कि रातों रात आपका पेट अंदर नहीं होगा।
कुछ लोग पेट कम करने के लिए, घंटो एक्सरसाइज भी करते हैं। लेकिन फिर भी उन्हें कोई परिणाम नहीं मिलता। इसलिए ऐसे लोगों को एक्सरसाइज के अलावा, जीवन-शैली और आहार में भी उचित परिवर्तन करना जरुरी होता है। यदि आप कुछ विशेष आहार को अपने खाने में शामिल करते हैं तो कुछ दिनों के बाद, आपको अपने पेट के आकार में फर्क दिखेगा। लेकिन यहाँ आप यह बात भी समझना होगी कि रातों रात आपका पेट अंदर नहीं होगा। इसमें थोड़ा समय लगता है।




ओमेगा-3 फैटी एसिड
ओमेगा 3 फैटी एसिड शरीर के लिए काफी लाभकारी होता है। मांसाहारी लोग इसे मछली के जरिए ले सकते हैं। मछलियों में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा जो लोग शाकाहारी हैं वे अखरोट, पत्ता गोभी व फूल गोभी आदि का सेवन कर सकते हैं।

खूब हरी सब्जियां खायें
अपने आहार में खूब सारी फल और हरी सब्जियों को शामिल करें। फल और सब्जियां खाना, स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे पेट भरा-भरा रहता है और साथ ही शरीर को भरपूर मात्रा मिनरल और विटामिन मिलता है।

करौंदा
लाल रंग की खट्टी बेरी, जिसे क्रेनबेरी या करौंदा कहा जाता है, इसके जूस में ऑर्गेनिक एसिड काफी मात्रा में होता है, जो डायजस्टिव एंजाइम को बढ़ावा देता है। यह एंजाइम खाने को पचाने में मदद करती है और इससे शरीर में जमा अतिरिक्त वसा भी समाप्त होता है।

जंकफूड को कहें ना
अगर आप पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं तो जंकफूड से दूरी बनाए रखें क्योंकि जंकफूड तेजी से वजन बढ़ाने का काम करता है। कोशिश करें कि कम तेल मसाले वाली चीजों का सेवन ही करें। इसके अलावा, सामान्य आटे के बजाय जौ और चने के आटे को मिलाकर चपाती खाना चाहिए।

दिन की शुरुआत नींबू पानी से करें
पेट पर जमे फैट को कम करने के लिए नींबू पानी एक बेहतर विकल्प है। यदि आप सुबह के समय गुनगुने नींबू पानी का सेवन करेंगे तो आपको जरूर फ़ायदा मिलेगा। ऐसे में हर रोज सुबह इसका सेवन करने से, मेटाबोलिज्म तो ठीक होता ही है, साथ ही आपके पेट पर जमे फैट भी कम होंगे।

मीठे से पहरहेज करें   
यदि आप शरीर में जमी चर्बी कम करना चाहते हैं, तो मिठाई से दूर रहें। मीठे पदार्थ, शरीर पर अतिरिक्त चर्बी जमा करते हैं। यह चर्बी शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे पेट और जांघों पर जमा हो जाती है और हमारे लिए मोटापे का कारण बनती है।

सुबह-सुबह कच्चा लहसुन खायें
सुबह-सुबह रोजाना लहसुन की दो तीन कलियां चबाना और ऊपर से नींबू पानी पीना, आपके लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे वजन और तेजी से कम होने लगता है। इसके साथ ही शरीर में रक्त प्रवाह भी तेज हो जाता है।

इसके अलावा, सुबह-शाम की सैर शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखती है। पेट की चर्बी को दूर करने के लिए रोजाना सुबह उठकर कुछ देर सैर पर जाएं और रात को खाने के बाद तुरंत सोने की जगह कुछ देर टहलें। इससे आप अतिरिक्त कैलोरी को आसानी से कम कर पाएंगे और पेट की अतिरिक्त चर्बी को भी कम किया जा सकता है।

तेजी से पेट कम करने के ये हैं जबरदस्‍त उपाए


  • सेहत के साथ लुक को भी बिगाड़ती है पेट पर जमा चर्बी।   
  • खाने के अन्‍त में पानी पीना पेट निकलने की मुख्‍य वजहों में से एक।   
  • 25 फीसदी कैलोरीज बर्न होती है नियमित रूप से सैर पर जाने से।
  • तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन्स रिलीज होता हैं नींद पूरी न होने पर।



लोगों को सेहतमंद व फिट रखने में उनके आहर की अहम भूमिका होती है। व्यस्त दिनचर्या के कारण लोगों की शारीरिक गतिविधि दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है जिसकी वजह से ली गई कैलोरी फैट में तब्दील होकर आपके पेट के आस-पास के हिस्सों में नजर आने लगती है।


अक्सर लोग वजन कम करने में लगे रहते हैं। लेकिन सबसे अधिक जो समस्या आती है वो है पेट के आसपास की चर्बी को हटाना। क्या आप जानते हैं कुछ लोग मोटे नहीं होते लेकिन उनके पेट के आसपास काफी चर्बी जमा हो जाती है। पेट पर जमा फैट ना सिर्फ आपकी सेहत बिगाड़ता है बल्कि यह आपके लुक को भी खराब करता है। जानिए हमारे साथ पेट पर जमा चर्बी को कम करने के आसान व असरकारी उपायों के बारे में और फर्क देखिए-


खाने के बाद पानी पीने से बचें

अक्सर देखा गया है कि खाना खाने के बाद लोग ढेर सारा पानी पी लेते हैं जो कि पेट निकलने की मुख्य वजहों में से एक है। खाने के अन्त में पानी पीना उचित नहीं, बल्कि एक-डेढ़ घण्टे बाद ही पानी पीना चाहिए। अगर आपको ज्यादा प्यास लग रही है तो खाने के बाद बस एक कप हल्का गुनगुना पीएं।

थोड़ा-थोड़ा करके खाएं

तीन टाइम खाने की जगह थोड़ा-थोड़ा करके कई बार खाएं। हर दो घंटे में कुछ ना कुछ खाते रहें। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तो ठीक रहता ही है साथ ही ऊर्जा का स्तर भी बना रहता है। खाने में प्रोटीन की मात्रा बढाएं। ये पचने में ज्यादा समय लेते हैं और पेट देर तक भरा रहता है। अंडे का सफेद भाग, फैट फ्री दूध व दही, ग्रिल्ड फिश और सब्जियां आपको स्लिम व फिट बनाएंगी।

शहद है फायदेमंद

जैसा कि हम सब जानते हैं शहद गुणों की खान है। यह मोटापा कम करने में भी कारगार है। रोजाना सुबह गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीएं। नियमित रुप से इस प्रक्रिया को अपनाने से आपको जल्द ही असर दिखाई देने लगेगा।


ग्रीन टी पियें

अगर आप चाय पीने के बहुत शौकीन हैं, तो आप दूध की चाय पीने के बजाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी, या फिर ब्लैक टी पियें। इसमें थायनाइन नामक अमीनो एसिड होता है जो मस्तिष्क में ऐसे केमिकल्स का स्त्राव करता है और आपकी भूख पर कंट्रोल करता है।

मॉर्निग वॉक करें फिट रहें

रोजाना सुबह सैर पर जाएं और रात के खाने के बाद भी सैर करना ना भूलें। इससे पेट और कमर की अतिरिक्त कैलोरी कम करने में मदद मिलेगी। क्‍योंकि नियमित रूप से सैर पर जाने से 25 फीसदी कैलोरीज बर्न होती है। पेट जल्दी कम करना है तो तीस मिनट के वॉक सेशन रखें। लगातार स्पीड से ना चल सके तो बीच में इंटरवल लें। थोड़ी देर तेजी से चलें और फिर स्पीड कम कर लें।

उपवास करें

यदि आप खाने-पीने के बहुत शौकीन हैं और अपनी इस आदत से भी परेशान हैं, तो इसका सबसे आसान तरिका ये है कि आप सप्ताह में कम से कम एक बार उपवास जरूर करें। आप चाहे तो सप्ताह में एक दिन तरल पदार्थों पर भी रह सकते हैं, जैसे- पानी, नींबू पानी, दूध, जूस, सूप इत्यादि या किसी दिन सिर्फ सलाद या फल भी ले सकते हैं।

खान-पान का रखें खयाल

यदि आप जंकफूड खूब खाते हैं या फिर आपको तैलीय खाना बहुत पसंद है तो अब इनसे परहेज करना शुरू कर दें। खाने में खासतौर पर सामान्य आटे के बजाय जौ और चने के आटे को मिलाकर चपाती खांए, इससे आप जल्द ही स्लिम ट्रि‍म होंगे। रोजाना कुछ ग्राम बादाम खाने से कमर की साइज 24 सप्ताह में साढ़े छह इंच कम हो सकती है। तो आज से ही तय करें कि रोजाना सौ ग्राम नट्स अपनी डाइट में जरूर से शामिल करेंगे। यह कैलोरी से भरपूर होने के साथ ही फाइबर युक्त भी होते हैं। भोजन में संतुलित कैलोरीज लें। आपको दिनभर में कम से कम 2000 कैलोरी जरूर ले।

नींद पूरी करें

संतुलित आहार व व्यायम के साथ पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। नींद पूरी ना होने पर तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन्स रिलीज होते हैं जो आपको खाने के लिए प्रेरित करते है जिससे पेट की चर्बी भी बढ़ती है। रात में 6 से 7 घंटे सोने वाले लोगों में पेट का फैट कम होता है। इससे ज्यादा या कम नींद लेने वाले लोगों को तोंद की समस्या ज्‍यादा होती है।


योगासन है जरूरी 

कमर और पेट कम करने के लिए आप नियमित रूप से सुबह उठकर योग करें। वैसे भी आप योग से निरोग रह सकते है। लेकिन खासकर आप ऐसे आसनों को करें जिनसे आपके पेट और कमर को कम करने में मदद मिलें। रोजाना सूर्य नमस्कार की सभी क्रियाएं, सर्वांगासन, भुजंगासन, वज्रासन, पदमासन, शलभासन इत्यादि को करें।


बॉल एक्‍सरसाइज करें

जमीन पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं। अब हाथों पर एक्‍सरसाइज वाली बडी़ बॉल को हाथों में ले कर अपने दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। अब अपने हाथों की बॉल को अपने पैरों में पकड़ाएं और फिर पैरों को नीचे ले जा कर दुबारा बॉल ले कर ऊपर आएं। फिर पैरों से जो बॉल उठाई गई है उसे दुबारा हाथों में पकड़ाएं। इस क्रिया को लगातार 12 बार करें।ऐसा करने से पेट पर जमा फैट कुछ ही दिनों में कम होने लगेगा।

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जो लोग वज़न कम कर रहे हैं, उनके लिए ये है डाइट चार्ट


  • वज़न कम करने के लिए डाइट पर खास ध्यान देना होता है।
  • लो-कैलोरीज़ फूड्स के साथ ऊर्जा प्रदान करने वाला आहार भी लें।
  • सुबह से लेकर रात को सोने से पहले तक क्या खाना है, प्लान करें।



वजन कम करने के लिए कई तरीके हैं, इसके लिए कुछ लोग जिम में खूब मेहनत करते हैं तो कुछ खाना छोड़ देते हैं। लेकिन क्‍या आपको पता है कि मोटापा कम करने के लिए खाना-छोड़ने और जिम में जाने से कही अच्‍छा है कि आप यह जान लीजिए कि क्‍या-क्‍या खाना है और कब खाना है। ऐसा करने से आपका वज‍न जल्‍दी कम होगा और फिट भी रहेंगे।



सुबह उठने पर:

2 खजूर
1 कप चाय
30 मिनट के लिए सैर (तेज़ चलें)।

ब्रेकफास्ट (8 से 9 बजे) :

मूंग की अंकुरित दाल में 1 उबला हुआ आलू डालें और चाट के रूप में इसका मज़ा लें।

ब्रेकफास्ट के 2 घंटे बाद (11 बजे) :

1 गिलास लस्सी

लंच (1 से 2.30 बजे) :

1 चपाती
1 कटोरी लौकी का रायता
1 कटोरी सब्ज़ी
अपना मनपसंद सलाद खाएं।

खाने में 1 चम्मच से ज़्यादा तेल का इस्तेमाल न करें।

शाम की चाय (4 से 5 बजे) :

1 कप चाय
1 बिस्कुट

देर शाम को (7 बजे) :

1 नारियल का पानी पिएं।

डिनर (8 से 9 बजे) :

1 बाउल चाइनीज़ सूप। इसे बनाने के लिए 2 बड़े चम्मच साबुत मसूर की दाल लें। अलग-अलग तरह की सब्ज़ियों को उबाल लें और मिक्सी में पीस लें। अपने स्वाद के अनुसार, इसमें मसाले का उपयोग करें।
इसमें 1 चम्मच मक्खन डालें। ध्यान रहे कि सूप को छाने नहीं।
साथ में एक मुट्ठी पॉपकॉर्न भी खा सकते हैं, लेकिन इसमें मक्खन न डालें।

रात को सोने से पहले :

1 कप दूध पिएं। इसमें आधी चम्मच चीनी डालें।

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All Yoga Asanas Names With Pictures And Benefits in Hindi

अर्ध चन्द्रासन




अर्ध चन्द्रासन जैसा कि नाम से पता चल रहा है, इस आसन में शरीर को अर्ध चन्द्र के आकार में घुमाया जाता है। इसको भी खड़े रहकर किया जाता है। यह आसन पूरे शरीर के लिए लाभप्रद है।

भुजंग आसन

भुजंग आसन का रोज अभ्यास से कमर की परेशानियां दूर होती हैं। ये आसन पीठ और मेरूदंड के लिए लाभकारी होता है।


बाल आसन


बाल आसन से तनाव दूर होता है। शरीर को संतुलिच और रक्त संचार को सामान्य बनाने के लिए इस आसन को किया जाता है।


 मर्जरियासन

बिल्ली को मार्जर भी कहते हैं, इसलिए इसे मर्जरियासन कहते हैं। यह योग आसन शरीर को उर्जावान और सक्रिय बनाये रखने के लिए बहुत फायदेमंद है। इस आसन से रीढ़ की हड्डियों में खिंचाव होता है जो शरीर को लचीला बनाता है।

नटराज आसन



नटराज आसन फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। इय योग से कंधे मजबूत होते हैं साथ ही बाहें और पैर भी मजबूत होते हैं। जिनको लगातार बैठकर काम करना होता है उनके लिए नटराज आसन बहुत ही फायदेमंद है।


गोमुख आसन

गोमुख आसन शरीर को सुडौल  बनाने वाला योग है। योग की इस मुद्रा को बैठकर किया जाता है। गोमुख आसन स्त्रियों के लिए बहुत ही लाभप्रद व्यायाम है।





हलासन



हलासन के रोज अभ्यास से रीढ़ की हड्डियां लचीली रहती है। वृद्धावस्था में हड्डियों की कई प्रकार की परेशानियां हो जाती हैं। यह आसन पेट के रोग, थायराइड, दमा, कफ एवं रक्त सम्बन्धी रोगों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।


सेतु बांध आसन





सेतु बांध आसन पेट की मांसपेशियों और जंघों के एक अच्छा व्यायाम है। जब आप इस योग का अभ्यास करते है तो शरीर में उर्जा का संचार होता है।




रॉकिंग चेयर योग

रॉकिंग चेयर योग करने से रीढ़ की हड्डियों में ऊर्जा का संचार होता है साथ ही शरीर में रक्त का संचार तेज गति होता है।





सुखासन


सुखासन बैठकर किया जाने वाला योग है। ये योग मन को शांति प्रदान करने वाला योग है। इस योग के दौरान नाक से सांस लेना और छोड़ना होता है।


नमस्कार आसन

नमस्कार आसन किसी भी आसन की शुरुआत में किया जाता है। ये काफी सरल है।




ताड़ासन

ताड़ासन के अभ्यास से शरीर सुडौल रहता है और इससे शरीर में संतुलन और दृढ़ता आती है।



रोज त्रिकोण मुद्रा



रोज त्रिकोण मुद्रा का अभ्यास करने से शरीर का तनाव दूर होता है और शरीर में लचीलापन आता है।


कोणासन


कोणासन बैठकर किया जाता है। कमर, रीढ़ की हड्डियां, छाती और कुल्हे इस योग मुद्रा में विशेष रूप से भाग लेते है। इन अंगों में मौजूद तनाव को दूर करने के लिए इस योग को किया जाता है।



उष्टासन



उष्टासन यानी उंट के समान मुद्रा। इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर की उंट की जरह दिखता है। इसलिए इसे उष्टासन कहते हैं। उष्टासन शरीर के अगले भाग को लचीला एवं मजबूत बनाता है। इस आसन से छाती फैलती है जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।


वज्रासन



वज्रासन बैठकर किया जाना जाने वाला योग है। शरीर को सुडौल बनाने के लिए किया जाता है। अगर आपको पीठ और कमर दर्द की समस्या हो तो ये आसन काफी लाभदायक होगा।


वृक्षासन


वृक्षासन का मतलब है वृक्ष की मुद्रा मे आसन करना। इस आसन को खड़े होकर किया जाता है। इसके अभ्यास से तनाव दूर होता है और पैरों एवं टखनों में लचीलापन लाता है।

दंडासन


बैठकर किये जाने वाले योगों में एक है दंडासन। इस योग की मुद्रा का नियमित अभ्यास करने से हिप्स और पेडू में मौजूद तनाव दूर होता है और इनमें लचीलापन आता है।


अधोमुखी श्वान आसन




अधोमुखी का मतलब होता है नीचे की ओर सिर झुकाना। इस आसन में कुत्ते की तरह सिर को नीचे झुकाकर योग किया जाता है। इसलिए इसे अधोमुखी श्वान आसन कहा जाता है। आसन मुद्रा मेरूदंड को सीधा बनाये रखने में सहायक होता है। यह पैरों की मांसपेशियों के लिए अच्छा व्यायाम है।


शवासन


इस आसन को मरे शरीर जैसे निष्क्रिय होकर किया जाता है इसलिए इसे शवासन कहा जाता है। थकान एवं मानसिक परेशानी की स्थिति में यह आसन शरीर और मन को नई ऊर्जा देता है। मानसिक तनाव दूर करने के लिए भी यह आसन बहुत अच्छा होता है।


उत्कट आसन




उत्कट आसन से शरीर के नीचले हिस्से कमर, घुटने एवं पैरो में मजबूती आती है। योग की इस मुद्रा से रीढ की हड्डियों को भी लाभ पहुंचता है।



अनुलोम-विलोम 


योग विधि :
अनुलोम-विलोम योग करने के लिए एक शांत स्थान पर साधारण रूप से बैठ जाए फिर उसके बाद अपने दाएं हाथ के अगुठे से अपनी दाएं नाक का छिद्र को बंद करे और बाए छिद्र से  सांस को अंदर की और भरे और फिर उसको  अंगूठे के बगल वाली दो अंगुलियों से बंद कर दें।

उसके उपरान्त दाहिनी नाक  से अंगूठे को हटा दो और दायीं नाक  से सांस को बाहर निकालिये।
फिर  दायीं नाक  से ही सांस को 4 -5 की गिनती तक अंदर को भरे और दायीं नाक को बंद करके बायीं नाक खोलकर सांस को 8 -9 की गिनती में बाहर निकल लीजिये। इस प्राणायाम को 5 से 15 मिनट तक कर रोजाना करे।

लाभ :
शांति प्रदान करके तनाव कम करता है। आखो की रोशनी बढ़ाता है और रक्त संचालन सही रहता है।अनिद्रा की समस्या में यह प्राणायाम लाभदायक है। मस्तिष्क में होनी वाली समस्याओं को दूर करने में भी लाभदायक है।
फेफड़े मजबूत होते है। सर्दी, जुकाम व दमा की बीमारियो को काफी हद तक दूर करता है।हृदय को  स्वस्थ रखता  है।

ध्यान देने योग्य सावधानियां:

एनीमिया से पीड़ित रोगीयो और कमजोर व्यकति इस योग के दौरान सांस लेने और सांस निकालने  की गिनती को 4 -4 ही रखें। 4  गिनती में सांस का लेना तो 4 गिनती में ही सांस को बाहर छोरना है। कुछ व्यकति समया काम होने के कारण सांस लेने और सांस निकालने का अनुपात 1:2 नहीं रखते। वे बहुत तेजी से और जल्दी-जल्दी सांस लेते और निकालते है। इससे आस पास हवा  में मौजूद धूल, धुआं, जीवाणु और वायरस, सांस नली में पहुंचकर कई प्रकार के संक्रमण को पैदा कर सकते है।​





मंडूकासन Frog Pose


योग विधि :
मंडूकासन के लिए  दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर पीछे की ओर ले जाएं फिर एडिय़ों को फैलाकर दोनों पंजों को मिलाकर उस पर बैठ जाइये। दोनों हाथों के अंगूठों को अंदर करके मुटठी बांध लें और मुटठी को एक-दूसरे से सटाकर नाभि के पास रखिये उसके बाद अब सांस अंदर खींचकर शरीर को ढ़ीला छोड़ दें। फिर सांस को छोड़ते हुए शरीर को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाते हुए छाती को घुटनों से लगाएं। इसके बाद फिर सांस लेते हुए शरीर को वापिस पहले वाली स्थिति में ले आएं। फिर कुछ देर रुककर सांस को छोड़ते हुए फिर से छाती को घुटनों से लगाएं। इस क्रिया को 3-4 बार करें।

योग के लाभ :
पेट के लिए अत्यंत ही लाभयादयक इस आसन से अग्न्याशय सक्रिय होता है जिसके कारण डायबिटीज के रोगियों को इससे लाभ मिलता है। हृदय के लिए भी अत्यंत लाभदायक माना गया है। कब्ज, गैस, अफारा, भूख न लगना, अपच, भोजन का पाचन ठीक न होना आदि विकारों को दूर करता है। आमाशय, छोटी आंत, बड़ी आंत, पित्तकोष, पेन्क्रियाज, मलाशय, लिवर, प्रजनन अंगों और किडनी आदि सभी अंगों पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।

ध्यान देने योग्य सावधानियां:
पेट संबंधी कोई गंभीर रोग हो तो यह आसन न करें। स्लिप डिस्क, ऑस्टियोपॉरोसिस और कमर दर्द के रोगी यह आसन किसी योग चिकित्सक से पूछकर ही करें।





कपालभाती  Kapalbhati



शांत और खुले स्वछ  वतावरण में  बैठकर साँसों को बाहर छोड़ने की क्रिया को करें। साँसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की ओर धक्का देना होता। ध्यान रखें कि सॉस अंदर नहीं लेना है क्योंकि उस क्रिया में सॉस स्वत: ही अंदर  को चली जाती है।


योग के लाभ :
वजन कम और पेट की चर्बी को भी काम करता है। चेहरे की झुर्रिया और आँखों के निचे के कालेपन दूर करके चेहरे की चमक फिर से लौटाने में मदद करता है। गैस, कब्ज और एसिडिटी की समस्या को दूर करता है। शरीर और मन के सारे नकारात्मक तत्व और विचारो को दूर कर देता है। स्मरणशक्ति को बढ़ाता है।
कफ विकार नष्ट करता है और श्वासनली की सफाई अच्छे से हो जाती है। रक्त धमनी की कार्यक्षमता बढाती है और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद होती है।


ध्यान देने योग्य सावधानियां:
कपालभाती सुबह के समय खाली पेट, पेट साफ़ होने के बाद ही करना चाहिए। अगर खाना खाने के बाद कपालभाती करना है तो खाने के कम से कम 5 घंटे बाद इसे करे। कपालभाती करने के बाद 30 मिनिट तक कुछ न खाए थोड़ा पानी ले सकते है।  गर्भवती महिला, गैस्ट्रिक अलसर , एपिलेप्सी, हर्निया  के मरीज इस क्रिया को न करे।




मकरासन Crocodile Pose



पेट के बल लेट जाइए फिर दोनों पैरों को मिलाकर अपने कंधे और सिर को उठाइए और दोनों हाथ को कोहनियों को मिलाकर स्टैंड  बनाते हुए हथेलियों को ठोडी के निचे लगाइए। छाती को ऊपर उठाइए। उसके बाद उंगलियों को गाल के साथ लगाकर रखिए.

योग के लाभ :
कमर दर्द में रामबाण का काम करता है मकरासन | इस आसन से साइटिका और गर्दन के दर्द में राहत मिलती है | इस आसन से फेफड़ों की बीमारी एवं दमा रोग से ग्रस्त व्यक्ति को लाभ मिलता है | यह आसन पेट की चर्बी को कम काम होती है तथा कब्ज भी दूर करता है | आँतों की विधिवत  मालिश इस आसन से  हो जाती है |

ध्यान देने योग्य सावधानियां:
खाली पेट ही इस आसन को करना चाहिए | इस आसन को  हर्निया की शिकायत होने पर न करे। यह आसन करने के बाद कुछ समय पीठ के बल लेटकर के लिए शवासन अवश्य करे।

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वीकेंड के लिए डाइट प्लान जिससे वज़न कम करने में मदद मिलेगी




  • ऑफिस का काम छोड़कर कुछ समय अपनी हेल्थ पर देने का
  • 5 दिन के डाइट चार्ट्स फॉलो कर चुके हैं
  • यह है डाइट प्लान जो आप हफ्ते के अंत में फॉलो कर सकते हैं


ऑफिस का काम छोड़कर कुछ समय अपनी हेल्थ पर देने का। हेल्द माइंड और बॉडी के लिए ज़रूरत सिर्फ एक्सरसाइज़ करने की नहीं है, बल्कि प्रॉपर डाइट की भी है। अगर आप हमारे बताए हुए 5 दिन के डाइट चार्ट्स फॉलो कर चुके हैं, यह है डाइट प्लान जो आप हफ्ते के अंत में फॉलो कर सकते हैं।


सुबह उठने पर:
2 अंजीर। इससे आपको 65 कैलोरी मिलेगी।
1 कप चाय (20 कैलोरी)

ब्रेकफास्ट (8-9 बजे)
150 मि.ली. दूध लें। इसमें 4 बड़े चम्मच कॉर्नफ़्लेक्स के डाल दें। इसमें 1 चम्मच पिसे हुए बादाम, काजू और अखरोट मिक्स करें। आपके इस पौष्टिक आहार में दूध से आपको 100 कैलोरी मिलेगी, कॉर्नफ़्लेक्स से 65 कैलोरी और पीसे हुए बादाम, अखरोज, काजू से 30 कैलोरी।

सुबह उठने के दो घंटे बाद (11 बजे)
1 गिलास छाछ। इससे आपको 50 कैलोरी मिलेगी।
छाछ में न सिर्फ कैलोरी कम होती हैं, बल्कि इसमें प्रोबायोटिक्स भी होते हैं। प्रोबायोटिक्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने में मददगार साबित होते हैं। ये हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करके हमें पाचन तंत्र संबंधी तमाम बीमारियां जैसे-डायरिया, कोलाइटिस से बचाते हैं।

लंच (1-2.30 बजे)
आज लंच में फ्राइड नूडल्स हैं। इसे बनाने के लिए 2 छोटे चम्मच तेल, 4 बड़े चम्मच उबली हुई नूडल्स लें। इसमें चिकन के 2 टुकड़े या 1 अंडा या 4 टुकड़े पनीर के डालें। ज़्यादा स्वाद के लिए इसमें सब्ज़ियां भी डालें।
नूडल्स के आपको 150 कैलोरी मिलेगी, पनीर से 100 कैलोरी और सब्ज़ियों से 50 कैलोरी।
मैदा नूडल्स की जगह गेहूं के नूडल्स ही खरीदें।

शाम की चाय (4-5 बजे)
इतने स्वादिष्ट लंच के बाद शाम को 1 कप गर्मा-गरम चाय पीएं।
साथ में 1 मुट्ठी भूने हुए चने की खाएं। आप चाहें तो चने को चाट के रूप में भी खा सकते हैं।
भूने हुए चने से आपको 100 कैलोरी मिलेगी।

डिनर (8-9 बजे)
1 बाउल लाल-लाल टमाटरों का सूप पीएं। इसमें 1 छोटा चम्मच मक्खन डाल सकते हैं।
साथ में 1 स्लाइस ब्रेड का ले लें। ब्रेड को टोस्टर में या फिर तवे पर सेंक लें।
सूप से आपको 100 कैलोरी मिलेगी और टोस्ट से 80 कैलोरी।
टमाटर में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जिसके चलते आपकी पाचन शक्ति बढ़ती है। इससे कब्ज भी दूर होती है। टमाटर के सूप से वज़न में भी कटौती होती है, क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है और यह शरीर में एकत्रित अतिरिक्त वसा को गलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

रात को सोने से पहले
इस वक्त आपको कुछ मीठा खाने की इच्छा ज़रूर हो रही होगी, तो आधा कप फ्रूट कस्टर्ड खाएं।
कस्टर्ड से आपको 70 कैलोरी मिलेगी।
कस्टर्ड के चलते आपका मीठा खाने का मन ज़्यादा नहीं करेगा, क्योंकि जब आप बिल्कुल मीठा बंद कर देते हैं, तब आपका मीठा खाने का मन ज़्यादा करता है।

 

How To Fast Weight Lost in Hindi © 2012 | Designed by Mussab Ahmad

Thanks to: Mussab Ahmad,

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